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Nushki (Balochistan): पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बीते शनिवार को हुए भीषण रक्तपात के पीछे एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस घातक हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दो महिला सुसाइड बॉम्बर्स (Fidayeen) की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। इस हमले ने न केवल पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा की पोल खोल दी है, बल्कि विद्रोहियों के बदलते और खतरनाक पैंतरे ने पाक खुफिया एजेंसी ISI को भी सकते में डाल दिया है।
21वें जन्मदिन पर चुनी थी ‘मौत’ की राह

BLA द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, हमलावरों में से एक की पहचान आसिफा मेंगल के रूप में हुई है। मेंगल मोहम्मद इस्माइल की बेटी थी और नुश्की की रहने वाली थी। हैरान करने वाली बात यह है कि 2 अक्टूबर 2002 को जन्मी आसिफा ने अपने 21वें जन्मदिन पर BLA की सबसे खतरनाक ‘मजीद ब्रिगेड’ की सदस्यता ली थी। उसने इसी साल जनवरी में फिदायीन बनने का संकल्प लिया और शनिवार को नुश्की स्थित आईएसआई हेडक्वार्टर पर आत्मघाती हमला कर खुद को उड़ा लिया। दूसरी हमलावर की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
40 घंटे का संघर्ष और 145 लड़ाकों की मौत
इस आत्मघाती हमले में 17 सुरक्षाकर्मियों समेत करीब 50 लोगों की जान जा चुकी है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने दावा किया है कि इस हमले के जवाब में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 40 घंटे तक सघन ऑपरेशन चलाया, जिसमें 145 से ज्यादा लड़ाकों को मार गिराया गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी पुष्टि की है कि इन हमलों में ‘फिदायीन’ महिलाओं का इस्तेमाल किया गया था।
मजीद ब्रिगेड का बढ़ता खतरा
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि BLA की ‘मजीद ब्रिगेड’ अब शिक्षित महिलाओं को आत्मघाती हमलों के लिए तैयार कर रही है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। नुश्की, क्वेटा और ग्वादर जैसे संवेदनशील इलाकों में सेना और आईएसआई के ठिकानों पर हुए इन हमलों ने पाकिस्तान को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया है।



