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Jamshedpur news: शुक्रवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन में रेल सिविल डिफेंस टीम द्वारा रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड से चयनित सहायक लोको पायलटों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन, नव नियुक्त सहायक लोको पायलटों को बेसिक लाइफ सपोर्ट, सीपीआर, श्वसन मार्ग में बाहरी वस्तु फंसने (FBAO) की स्थिति में प्राथमिक उपचार और आग लगने पर फायर संयंत्र का प्रयोग करने की मॉक ड्रिल कराई गई।
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने प्रशिक्षुओं को सीपीआर देने की विधि और सफल सीपीआर के लक्षणों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अचेतन व्यक्ति में नाड़ी का स्पर्शनीय होना, छाती का ऊपर-नीचे होना, आंखों की पुतलियों का सामान्य प्रतिक्रिया करना और त्वचा का रंग सुधरना सफलता के संकेत हैं। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि लिविडिटी, मृत्यु के बाद अकड़न, सड़े हुए शरीर या अंग कटे होने की स्थिति में सीपीआर नहीं दी जानी चाहिए।
शिविर में श्वसन मार्ग में वस्तु अटकने की स्थिति, जैसे बच्चे के मुंह में सिक्का या मांस का टुकड़ा फंसना, पर प्राथमिक उपचार का मॉक ड्रिल कर प्रशिक्षुओं को जागरूक किया गया। इसके साथ ही, इमरजेंसी रेस्क्यू और इंजनों में ऑग्ज़ीलियरी फायर एक्सटिंग्विशर का प्रयोग, चोटिल या फ्रैक्चर की स्थिति में वैंडेज करने की विधि भी सिखाई गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डेमोंस्ट्रेटर कल्याण कुमार साहू, अनिल कुमार सिंह, रमेश कुमार और अनामिका मंडल ने मॉक ड्रिल कर जीवंत प्रस्तुति दी। कुल 400 रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा चयनित सहायक लोको पायलट प्रशिक्षण में शामिल हुए। नव सहायक लोको पायलटों ने सिविल डिफेंस के प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण विधि की प्रशंसा की।



