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Health: हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनका बच्चा पढ़ाई और खेलकूद में अव्वल रहे। इसके लिए अक्सर हम फल, मेवे और बेहतर खानपान पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि याददाश्त बढ़ाने के लिए दिमागी कसरत भी उतनी ही जरूरी है? मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि छोटी-छोटी एक्टिविटीज के जरिए हम बच्चों की मानसिक सतर्कता को हां की तरह कई गुना बढ़ा सकते हैं।
रेस्टोरेंट गेम: छोटी चीजों पर ध्यान दिलाएं
याददाश्त बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है ‘रिकॉल वैल्यू’। अगर आप बच्चे को बाहर ले गए हैं, तो घर लौटकर उससे वहां के बारे में सवाल करें। जैसे- “हम होटल में किस तरफ बैठे थे?” या “दीवार पर किस रंग की फोटो थी?” यह खेल तभी काम करेगा जब आपको भी जवाब पता हों। इससे बच्चे में चीजों को बारीकी से देखने की आदत विकसित होगी।
लेफ्ट-राइट एक्सरसाइज और नंबर गेम
बच्चे की मानसिक सतर्कता बढ़ाने के लिए उन्हें खिलौने एक तरफ (दाएं या बाएं) रखने को कहें। जब उनकी आदत एक तरफ की हो जाए, तो अचानक दिशा बदल दें। यह ‘स्विचिंग’ दिमाग को अलर्ट करती है। इसी तरह फोन नंबर या कुछ खास अंकों को याद कराना भी एक बेहतरीन एक्सरसाइज है। खेल-खेल में उन्हें कोई जरूरी नंबर रटाएं और हर दिन दोहराएं।
किचन और बेडरूम में जिम्मेदारियां
बच्चों को घर के छोटे कामों में शामिल करना उनके दिमाग को सक्रिय रखने का बेस्ट तरीका है। किचन में उन्हें सामान लाने को कहें, जैसे- “बेटा प्याज कहां रखा है?” अगले दिन फिर वही काम दें। इससे उन्हें सामान की जगह याद रखने का अभ्यास होगा। बेडरूम में उनका पसंदीदा खिलौना किसी खास ड्राअर में रखवाएं और अगले दिन लाने को कहें।
वॉवेल हंट: पढ़ाई और खेल का मेल
अंग्रेजी के अक्षरों के साथ एक बॉक्स बनाएं और बच्चे को उन शब्दों को काटने के लिए कहें जिनमें स्वर (Vowels) न हों। इससे न केवल उनकी भाषा की समझ बढ़ेगी, बल्कि एकाग्रता (Concentration) भी मजबूत होगी। याद रखें, याददाश्त बढ़ाना कोई बोझ नहीं बल्कि एक मजेदार सफर होना चाहिए। अगर इन तरीकों को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो बच्चा चीजों को भूलने की जगह उन्हें लंबे समय तक सहेज कर रखने में सक्षम हो जाएगा।

