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New Delhi: आज की डिजिटल लाइफस्टाइल और घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने की आदत ने हमें कई बीमारियों का तोहफा दिया है, जिनमें ‘किडनी की पथरी’ (Kidney Stone) सबसे आम है। पर्याप्त पानी न पीना और शारीरिक गतिविधियों की कमी इस समस्या को और गंभीर बना रही है। लेकिन योग विज्ञान में इसका एक सरल और प्राकृतिक समाधान मौजूद है— सर्पासन, जिसे आमतौर पर भुजंगासन या कोबरा पोज़ के नाम से भी जाना जाता है।
कैसे काम करता है सर्पासन?
सर्पासन में पेट के बल लेटकर शरीर के अगले हिस्से को ऊपर उठाया जाता है। इस प्रक्रिया में पेट, कमर और किडनी के आसपास की मांसपेशियों पर हल्का खिंचाव और दबाव पड़ता है।
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किडनी डिटॉक्स: यह दबाव किडनी को सक्रिय करता है, जिससे वहां जमा विषैले तत्व (Toxins) बाहर निकलते हैं।
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पथरी से राहत: नियमित अभ्यास से छोटी पथरी टूटकर पेशाब के रास्ते बाहर निकलने में मदद मिलती है।
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पाचन में सुधार: यह आसन पाचन तंत्र को सक्रिय करता है, जिससे पेट साफ रहता है और गंदगी जमा नहीं होती।
सर्पासन के अन्य जादुई फायदे
सिर्फ पथरी ही नहीं, सर्पासन पूरे शरीर के लिए वरदान है:
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मजबूत रीढ़: पीठ और कमर की मांसपेशियों में खिंचाव आने से लचीलापन बढ़ता है और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।
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तनाव से मुक्ति: गहरी सांस लेने की प्रक्रिया से दिमाग को ऑक्सीजन अधिक मिलती है, जिससे मन शांत और तनाव मुक्त रहता है।
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दमकती त्वचा: बेहतर रक्त संचार (Blood Circulation) के कारण चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है और शरीर में ताजगी बनी रहती है।
कैसे करें अभ्यास? (स्टेप-बाय-स्टेप)
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सबसे पहले पेट के बल सीधे लेट जाएं।
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अपनी हथेलियों को छाती के पास जमीन पर रखें।
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गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे शरीर के अगले हिस्से (नाभि तक) को ऊपर उठाएं।
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सिर को पीछे की ओर ले जाकर आकाश की ओर देखें और कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें।
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सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।
मोबाइल और लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करने वालों के लिए यह आसन संजीवनी की तरह है। रोजाना कुछ मिनट का अभ्यास न केवल पथरी से बचाएगा, बल्कि आपकी शारीरिक क्षमता को भी कई गुना बढ़ा देगा।

