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Health: अच्छी सेहत के लिए सेलेनियम एक ऐसा पोषक तत्व है, जिसकी जरूरत भले ही कम होती है, लेकिन इसका असर पूरे शरीर पर पड़ता है। सेलेनियम प्राकृतिक रूप से मिट्टी, पानी और कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है और शरीर के भीतर यह सेलेनोप्रोटीन के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। ये सेलेनोप्रोटीन कोशिकाओं को नुकसान से बचाने, डीएनए की रक्षा करने और कई जरूरी जैविक प्रक्रियाओं को संतुलित बनाए रखने का काम करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार सेलेनियम को शरीर का “साइलेंट बॉडीगार्ड” कहा जाता है, क्योंकि यह बिना किसी लक्षण के अंदर ही अंदर सेहत की रखवाली करता रहता है। शरीर में इसका सबसे ज्यादा असर थायराइड ग्रंथि पर देखने को मिलता है। थायराइड में अन्य अंगों की तुलना में सेलेनियम की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो थायराइड हार्मोन को सक्रिय करने में मदद करता है। इससे मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा स्तर और वजन संतुलन में रहता है। सेलेनियम की कमी होने पर थायराइड से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं, जिसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देता है।
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सेलेनियम एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी है। यह ग्लूटाथियोन पेरोक्सीडेज नामक एंजाइम का हिस्सा बनकर शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को निष्क्रिय करता है। इससे कैंसर, हृदय रोग और समय से पहले बुढ़ापे का खतरा कम हो सकता है। इम्युनिटी के लिहाज से भी सेलेनियम बेहद जरूरी माना जाता है, क्योंकि यह प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत कर शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम बनाता है।
कई शोधों में यह भी सामने आया है कि सेलेनियम दिल की सेहत के लिए फायदेमंद होता है। यह शरीर में सूजन को कम करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को रोकने में मदद करता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम घट सकता है। पुरुषों में सेलेनियम शुक्राणुओं की गुणवत्ता और उनकी गतिशीलता को बेहतर बनाता है, इसलिए इसे प्रजनन क्षमता के लिए भी महत्वपूर्ण पोषक तत्व माना जाता है।
दिमाग की सेहत के लिए भी सेलेनियम अहम भूमिका निभाता है। इसका एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव याददाश्त को सुरक्षित रखने और अल्जाइमर जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने में सहायक माना जाता है। अगर शरीर में लंबे समय तक सेलेनियम की कमी बनी रहे तो बार-बार संक्रमण, थकान, मांसपेशियों की कमजोरी, बालों का झड़ना, थायराइड असंतुलन और मानसिक थकावट जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। गंभीर मामलों में दिल की मांसपेशियों को नुकसान और इम्युनिटी में भारी गिरावट भी देखी जा सकती है।
सेलेनियम की पूर्ति के लिए ब्राजील नट्स, सूरजमुखी के बीज, गेहूं, ओट्स, मूंगफली, मशरूम, सोयाबीन, ब्राउन राइस और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

