अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Patna News: बिहार अब केवल श्रम शक्ति नहीं, बल्कि ‘कुशल शक्ति’ का केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘सात निश्चय-3’ के तहत राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर जिले में मेगा स्किल सेंटर (Mega Skill Center) की स्थापना की जा रही है। जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बुधवार को इस ऐतिहासिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना बिहार के भविष्य के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
आईटी, एआई और रोबोटिक्स पर फोकस
कुशवाहा ने बताया कि इन सेंटरों का पाठ्यक्रम पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। वर्तमान समय की वैश्विक मांग को देखते हुए युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, और आधुनिक आईटी (IT) तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका सीधा उद्देश्य यह है कि बिहार का युवा न केवल नौकरी मांगे, बल्कि खुद स्वरोजगार पैदा करने में सक्षम बने।
1 करोड़ नौकरी और नए विभाग का गठन
नीतीश सरकार ने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ नौकरी और रोजगार सृजन का जो भारी-भरकम लक्ष्य रखा है, उसे धरातल पर उतारने के लिए एक विशेष विभाग—युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग—का गठन किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह विभाग विशेष रूप से युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी अवसरों को तलाशने और उन्हें तैयार करने के लिए समर्पित है।
युवा शक्ति ही विकसित बिहार की आधारशिला
उमेश सिंह कुशवाहा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार देश का सबसे युवा राज्य है, जहाँ 58 प्रतिशत आबादी 25 वर्ष से कम आयु की है। उन्होंने जोर देकर कहा, “युवाओं का सशक्तिकरण ही विकसित और समृद्ध बिहार के निर्माण की सबसे मजबूत नींव है।” नीतीश सरकार के ये दूरगामी निर्णय बिहार की नई पीढ़ी को सशक्त और सक्षम बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माने जा रहे हैं।
इस खबर को भी पढ़ें : विकसित बिहार का महासंकल्प! शुरू हुआ नीतीश का ‘सात निश्चय-तीन’ कार्यक्रम?

