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Ranchi News: राजधानी रांची सहित 25 ठिकानों पर 12 दिसंबर को कोडीन कफ सिरप मामले को लेकर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ छापेमारी के बीच एक और नया और संदिग्ध मोड़ आ गया है। इस संवेदनशील मामले की चल रही जांच के बीच रांची में तैनात रहे ड्रग इंस्पेक्टर अमित कुमार की अचानक मौत हो गई है, जिससे पूरे मामले पर संदेह के बादल और गहरे हो गए हैं।
कोडीन कफ सिरप सिंडिकेट की ED जांच के बीच रांची के ड्रग इंस्पेक्टर की संदिग्ध मौत
मिली जानकारी के अनुसार, अमित कुमार कफ सिरप सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई में सक्रिय थे। उन्होंने 2 नवंबर 2025 को मांडर थाना क्षेत्र में एक ट्रक को पकड़ा था और अगले दिन 3 नवंबर को भी वह इसी मामले को लेकर थाना में कार्रवाई करने गए थे। इसी बीच उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई।
दूसरी संदिग्ध मौत: वाराणसी के वकील की पत्नी का गंभीर दावा
अमित कुमार को रांची के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन पैंक्रियाज में दिक्कत के बाद उन्हें दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों और उनके नजदीकी लोगों को यह संदेह है कि उनका अचानक तबीयत बिगड़ना और फिर मौत हो जाना सामान्य घटना नहीं है, खासकर तब जब वह इतने बड़े सिंडिकेट पर कार्रवाई कर रहे थे।
परिजनों का स्पष्ट कहना है कि अमित कुमार पूरी तरह स्वस्थ थे और उन्हें सेहत संबंधी कोई परेशानी नहीं थी। अचानक हुई यह मौत कहीं न कहीं साजिश की ओर इशारा करती है।
यह इस मामले से जुड़ी दूसरी संदिग्ध मौत है। अमित कुमार से पहले कोडीन कफ सिरप से जुड़े मामले में वाराणसी में अधिवक्ता राजा आनंद सिंह की भी संदिग्ध मौत हो चुकी है। राजा आनंद सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने शुभम जायसवाल और अमित सिंह टाटा पर हत्या का आरोप लगाया था। ज्योति सिंह ने दावा किया था कि उनके पति ने ही कोडीन युक्त कफ सिरप सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था और चंदौली में पकड़े गए कंटेनर की जानकारी भी दी थी। उनका दावा है कि इसी कारण उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। ज्योति सिंह ने यह भी बताया था कि उनके पति पर पहले भी छह बार जानलेवा हमले हो चुके थे, जिससे संदेह और भी गहरा होता है।

