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India News: दार्जिलिंग की शान और 139 साल पुराने इतिहास को समेटे मशहूर ग्लेनरीज बेकरी एंड कैफे बार और उसके लाइव-म्यूजिक सेक्शन को पश्चिम बंगाल आबकारी विभाग ने अचानक बंद कर दिया है। नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए यह कार्रवाई 90 दिनों के लिए की गई है, जिससे दार्जिलिंग के पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका लगा है, खासकर क्रिसमस और नए साल के व्यस्त सीजन से ठीक पहले।
ग्लेनरीज बेकरी 1885 में स्थापित हुई थी और यह पर्वतारोहियों, फिल्मकारों और लेखकों सहित कई पीढ़ियों के खास मेहमानों का पसंदीदा ठिकाना रही है।
मालिक ने बताया राजनीतिक साजिश, आबकारी विभाग का क्या है तर्क?
ग्लेनरीज के मालिक और इंडियन गोरखा जनशक्ति फ्रंट के प्रमुख अजय एडवर्ड्स ने इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। उन्होंने इस बंद को हाल ही में श्रमदान और उनके सामान से बने ‘गोरखालैंड ब्रिज’ के उद्घाटन से जोड़ा है। एडवर्ड्स ने साफ कहा है कि वे इस कार्रवाई के खिलाफ कानूनी रास्ते तलाशेंगे।
दूसरी ओर, आबकारी अधिकारियों ने अपने कदम को सही ठहराया है। उप आबकारी कलेक्टर सरण्या बारिक ने बताया कि यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल आबकारी नियमों के तहत की गई है, जिसके अनुसार लाइसेंस वाली जगह पर लाइव संगीत या गायन प्रदर्शन के लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि चूंकि बिना जरूरी अनुमति के प्रदर्शन हो रहे थे, इसलिए 90 दिनों के लिए इसे बंद करने का आदेश दिया गया है।
ग्लेनरीज के मैनेजर ने बताया कि सब कुछ सामान्य चल रहा था, जब अचानक आबकारी अधिकारी दस्तावेज़ों की जाँच करने आए। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने बार काउंटर सील कर दिए और शराब का स्टॉक पैक कर लिया, जिससे कैफे को भारी नुकसान हुआ है। मैनेजर ने चिंता व्यक्त की है कि इस अचानक बंद होने से ग्लेनरीज को बड़ा झटका लगा है।

