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India News: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर होने वाली चर्चा ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। अनुमान है कि इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है, जिसकी धुरी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा होगा।
कांग्रेस की ओर से अजय माकन, दिग्विजय सिंह और रणदीप सिंह सुरजेवाला इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे, वहीं भाजपा की तरफ से सुधांशु त्रिवेदी, उज्ज्वल निकम, हर्ष शृंगला और कविता पाटीदार विपक्ष के हर सवाल का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार हैं।
इससे ठीक एक दिन पहले, बुधवार को लोकसभा में भी इसी विषय पर चर्चा हुई थी, जहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया था। अमित शाह के इस जोरदार भाषण की स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तारीफ की थी।
गृहमंत्री का आरोप: चार महीने से झूठ फैलाया गया
लोकसभा में अमित शाह ने एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस पर देश की जनता को गुमराह करने का सीधा आरोप लगाया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय पर चर्चा के लिए सत्र की शुरुआत में दो दिन गतिरोध बना रहा, जिससे जनता के बीच यह गलतफहमी गई कि सरकार चर्चा से भाग रही है।
गृहमंत्री ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा के लिए अड़ा है, जबकि यह प्रक्रिया पूरी तरह से चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है। उन्होंने तर्क दिया कि चुनाव आयोग सरकार के अधीन काम नहीं करता है, इसलिए सदन में एसआईआर पर चर्चा होने पर संबंधित सवालों का जवाब कौन देगा?
अमित शाह ने हमलावर होते हुए कहा कि चर्चा चुनाव सुधारों पर होनी थी, लेकिन विपक्ष के अधिकांश सदस्यों ने एसआईआर पर ही अपनी ऊर्जा लगाई। उन्होंने कहा, इस एसआईआर पर एकतरफा चार महीने से झूठ फैलाया गया और देश की जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया गया। अब देखना यह है कि राज्यसभा में विपक्ष अपनी रणनीति बदलता है या उसी मुद्दे पर अड़ा रहता है।

