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Patna News: बिहार में नई सरकार बनाने की तैयारी अब तेज़ होती जा रही है। बुधवार को राजनीतिक हलचल पूरे दिन बनी रही। सुबह भाजपा प्रदेश कार्यालय में नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद थे।
सभी विधायकों ने सम्राट चौधरी के नाम का समर्थन किया। उप नेता पद के लिए भी एकमत से विजय कुमार सिन्हा के नाम पर मुहर लगा दी गई। केशव प्रसाद मौर्य ने बैठक के बाद मीडिया के सामने दोनों नामों की घोषणा की और कहा कि भाजपा की ओर से फिर से इन्हीं चेहरों को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एनडीए की शाम की बैठक पर टिकी निगाहें
अब सबकी नजरें एनडीए विधायक दल की उस बैठक पर हैं, जो बुधवार शाम को होने वाली है। इस बैठक में नीतीश कुमार को गठबंधन का नेता चुन लिए जाने की पूरी संभावना है। इसके बाद राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू की जाएगी।
गुरुवार को गांधी मैदान में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह प्रस्तावित है। इसी को ध्यान में रखते हुए पटना में तैयारियाँ जोर–शोर से जारी हैं।
शपथ ग्रहण से पहले गांधी मैदान में तैयारियों का जायजा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार शाम गांधी मैदान पहुंचे और पूरे कार्यक्रम की तैयारी खुद देखी। धूप, बारिश, सुरक्षा और अतिथियों की बैठने की व्यवस्था- हर पहलू पर उन्होंने अधिकारियों से बारीकी से जानकारी ली। चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के कारण इस बार शपथ ग्रहण में भारी भीड़ की उम्मीद है, और उसी हिसाब से व्यवस्था की जा रही है।
एनडीए का आंकड़ा मजबूती दिखाता है
इस चुनाव में एनडीए ने कुल 202 सीटें जीतीं। भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जदयू 85 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। एलजेपी (आर) ने 19 सीटें जीतकर गठबंधन में तीसरी सबसे बड़ी ताकत दिखाई। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को पाँच और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को चार सीटें मिलीं।
इन नतीजों के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन की ओर झुकती दिख रही है।
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