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Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में जारी उम्मीदवारों के हलफनामों ने चौंका देने वाले आंकड़े सामने लाए हैं। इस चरण में जहां दो उम्मीदवारों की उम्र 80 साल से अधिक बताई गई है, वहीं 432 उम्मीदवार आपराधिक मामलों में संलिप्त हैं। कुल 1,303 प्रत्याशियों में से लगभग 40 फीसदी करोड़पति हैं।
औसत संपत्ति 3.26 करोड़ रुपये
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और बिहार इलेक्शन वॉच द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, पहले चरण के प्रत्याशियों के पास औसतन 3.26 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इनमें से 8 फीसदी उम्मीदवारों के पास 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। 7 फीसदी के पास पांच से दस करोड़ रुपये तक, जबकि 25 फीसदी उम्मीदवार एक से पांच करोड़ रुपये के मालिक हैं।
कुमार प्रणय सबसे अमीर प्रत्याशी
मुंगेर से भाजपा उम्मीदवार कुमार प्रणय को सबसे धनी उम्मीदवार बताया गया है जिनके पास 170 करोड़ रुपये की संपत्ति है। वहीं, सीवान से निर्दलीय राजकिशोर गुप्ता 137 करोड़ की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर और मोकामा के जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह 100 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं। राजनीतिक दलों के औसत आंकड़ों के अनुसार भाजपा के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 11.30 करोड़, राजद की 10.37 करोड़, जदयू की 8.75 करोड़, कांग्रेस की 5.85 करोड़ और जन सुराज पार्टी की 5.72 करोड़ रुपये बताई गई है।
उम्मीदवारों की उम्र और शिक्षा का प्रोफाइल
रिपोर्ट बताती है कि 36 फीसदी (463) उम्मीदवारों की आयु 25 से 40 वर्ष के बीच है, जबकि 51 फीसदी (669) की उम्र 41 से 60 वर्ष और 13 फीसदी (169) की उम्र 61 से 80 वर्ष के बीच है। दो उम्मीदवार 80 वर्ष से भी अधिक आयु के हैं। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो 50 फीसदी उम्मीदवार स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं। 9 फीसदी (121) महिला प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में हैं।
अपराध और राजनैतिक प्रभाव का मेल
पहले चरण में दागी उम्मीदवारों की संख्या 432 है, जो कुल का लगभग एक-तिहाई है। इनमें कई ऐसे भी हैं जिन पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। एडीआर ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के प्रत्याशियों की पृष्ठभूमि की जानकारी लेकर ही मतदान करें।

