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Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांबो चौक में सोमवार रात एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री मधुकोड़ा और चंपाई सोरेन तथा पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कड़ी निंदा की है और इसे आदिवासी विरोधी कार्रवाई करार दिया है।
पूर्व नेताओं का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री मधुकोड़ा और पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ऐसी बर्बर कार्रवाई करे। उन्होंने न्यायिक जांच, घायल लोगों को मुआवजा और गिरफ्तार ग्रामीणों की तुरंत रिहाई की मांग की है।
चंपाई सोरेन का तीखा हमला
पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने मौजूदा हेमंत सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो सरकार खुद को आदिवासियों की सरकार कहती है, वह आज अपने ही लोगों पर लाठी चला रही है। चंपाई ने कहा कि पूर्व में भोगनाडीह, रांची सरना स्थल और नगड़ी में भी इसी तरह की घटनाएं हुईं, और अब चाईबासा में परिवहन मंत्री के निर्देश पर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की गई।
घटना का विवरण
पश्चिमी सिंहभूम के ग्रामीण नो-इंट्री नियम और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। जब प्रदर्शनकारियों का एक समूह मंत्री दीपक बिरुवा के आवास के पास पहुंचा, तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की। इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए, जिसके बाद इलाके में तनाव बना हुआ है।
यह घटना झारखंड की सियासत में एक बड़ा मुद्दा बन गई है जहां आदिवासी नेताओं ने सरकार की नीतियों और पुलिस के रवैये की आलोचना की है।
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