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Lohardaga News: लोहरदगा जिले के पेशरार थाना क्षेत्र के केकरांग बरटोली गांव में घटित तिहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। अंधविश्वास और कुरीति में फंसे तीन युवकों ने ओझा-गुनी होने के शक में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी। मारे गए लोगों में लक्ष्मण नगेशिया (47), उनकी पत्नी बिफनी नगेशिया (47) और पुत्र रामविलास (10) शामिल थे।
टोना-टोटका के शक में की गई निर्मम हत्या
गिरफ्तार आरोपी सुखनाथ नगेशिया (26), बिंदेश्वर नगेशिया (21) और संचरवा नगेशिया (19) ने अपराध कबूल करते हुए बताया कि उन्हें मृतका बिफनी नगेशिया पर टोना-टोटका और झाड़-फूंक का शक था। उनका मानना था कि बिफनी की वजह से एक की पत्नी का गर्भपात हुआ और दूसरे की मां बीमार रहती थी। इसी अंधविश्वास में तीनों ने 8 और 9 अक्टूबर की मध्यरात्रि को परिवार की हत्या कर दी।
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पुलिस ने तेजी से की जांच, 48 घंटे में गिरफ्तारी
वारदात की जानकारी मिलते ही लोहरदगा के एसपी ने एसडीपीओ किस्को वेदांत शंकर (आईपीएस) के नेतृत्व में एसआईटी टीम गठित की। टीम ने फोरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वाड की मदद से साक्ष्य इकट्ठा किए और जांच को तेज किया। पुलिस ने मात्र 48 घंटे में तीनों हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी में मिले अहम सबूत
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों की निशानदेही पर खून से सने कुदाल, पत्थर, खून लगे कपड़े और हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (जेएच01सीडब्ल्यू-8978) जब्त की गई। जांच दल में पेशरार थाना प्रभारी बिरेन्द्र कुमार, बगडू थाना प्रभारी दिनेश कुमार और महिला थाना प्रभारी जेनी सुधा तिग्गा सहित कई अधिकारी शामिल रहे।
कानून ने दी अंधविश्वास को करारी चेतावनी
पुलिस ने तीनों आरोपियों को शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह घटनाक्रम फिर साबित करता है कि अंधविश्वास और कुरीतियाँ आज भी समाज में गहरी जड़ें जमाए हुए हैं। लोहरदगा पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न केवल अपराधियों को पकड़कर इंसाफ की राह दिखाई, बल्कि यह भी संदेश दिया कि कानून से बड़ा कोई टोना-टोटका नहीं होता।
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