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India News: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में बीरंथुब इलाके में मंगलवार रात सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। दोनों ओर से भारी फायरिंग के बाद आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले। अब सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमें इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, सर्च ऑपरेशन मंगलवार रात से शुरू होकर बुधवार सुबह भी जारी है। सुरक्षाबल राजौरी-कोटरणका-बुधाले मार्ग से गुजरने वाले सभी वाहनों की जांच कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस ने भी ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार, इलाके में चार आतंकियों के छिपे होने की आशंका है जो मुठभेड़ के बाद फरार हो गए थे। सेना ने जंगल के कई हिस्सों को घेर लिया है और ड्रोन के जरिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
इसी बीच, टेरर फंडिंग केस को लेकर स्टेट इंवेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के कई जिलों — श्रीनगर, गांदरबल, वडगाम, अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम, बारामूला, कुपवाड़ा और बांदीपुरा में छापेमारी की है। ये कार्रवाई आतंकवादी नेटवर्क के आर्थिक तंत्र को तोड़ने की दिशा में मानी जा रही है।
गौरतलब है कि पिछले महीने सितंबर में कुलगाम जिले के गुड्डर जंगलों में मुठभेड़ के दौरान सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया था। उस ऑपरेशन में दो जवान भी शहीद हुए थे। मारे गए आतंकियों में एक लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आमिर अहमद डार था, जो शोपियां का रहने वाला था और पिछले साल से सक्रिय था।
राजौरी और आस-पास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां लगातार आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को तेज कर रही हैं ताकि सीमा क्षेत्र में फिर से सक्रिय होते आतंकी मॉड्यूल्स को समाप्त किया जा सके।
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