Close Menu
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Facebook X (Twitter) Instagram
Public AddaPublic Adda

  • Home
  • India
  • World
  • States
    • Jharkhand
    • Bihar
    • Uttar Pradesh
  • Politics
  • Sports
  • Social/Interesting
  • More Adda
Public AddaPublic Adda
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • यूपी
  • राजनीति
  • स्पोर्ट्स
  • सोशल
  • अन्य
Home»Adda More..»शुगर से अंधापन! जांच से कैसे बच सकती है आंखों की रोशनी
Adda More..

शुगर से अंधापन! जांच से कैसे बच सकती है आंखों की रोशनी

डायबिटीज मरीजों में बढ़ रही डीएमई बीमारी आंखों की रोशनी छीन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और इलाज से इस खतरे से बचा जा सकता है।
By Samsul HaqueSeptember 27, 20252 Mins Read
Facebook Twitter WhatsApp Threads Telegram
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Threads Copy Link

अपनी भाषा चुनेें :

बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...

Health News: मधुमेह यानी शुगर, डायबिटीज भारत में तेजी से बढ़ रही है और इसके साथ ही आंखों की बीमारी भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि शुगर के मरीजों में डायबिटिक मैक्युलर एडिमा (डीएमई) नाम की बीमारी तेजी से फैल रही है, जो समय रहते जांच न होने पर स्थायी अंधेपन का कारण बन सकती है।

डीएमई क्यों है खतरनाक?

डीएमई धीरे-धीरे आंख की रेटिना पर असर डालती है। लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ने से रेटिना की छोटी रक्त वाहिकाएं कमजोर हो जाती हैं और उनमें से तरल पदार्थ रिसने लगता है। यह तरल आंख के उस हिस्से में जमा हो जाता है, जिसे मैक्युला कहते हैं। मैक्युला हमें बारीक और साफ चीजें देखने में मदद करता है। जब इसमें सूजन आती है, तो दृष्टि धुंधली हो जाती है और इलाज न करने पर यह स्थायी अंधेपन तक ले जा सकती है।

भारत में स्थिति कितनी गंभीर?

वर्तमान में भारत में करीब 10 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और साल 2045 तक यह आंकड़ा 13 करोड़ से ज्यादा होने की आशंका है। रिपोर्ट बताती है कि 2025 तक हर 14 में से एक भारतीय को डीएमई की समस्या हो सकती है। यह कामकाजी उम्र के लोगों में रोके जा सकने वाले अंधेपन का प्रमुख कारण बन रही है।

विशेषज्ञों की चेतावनी और सुझाव

विश्व रेटिना दिवस पर आयोजित कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने कहा कि डीएमई का पता लगाना तभी संभव है जब नियमित रेटिना जांच को डायबिटीज देखभाल का हिस्सा बनाया जाए। क्योंकि एक बार रेटिना को नुकसान हो गया, तो उसे पूरी तरह से ठीक कर पाना लगभग असंभव है। उन्होंने यह भी बताया कि सबूत-आधारित इलाज ने अच्छे परिणाम दिए हैं, लेकिन अभी भी चुनौतियां बनी हुई हैं। इनमें जागरूकता की कमी, महंगे इलाज का बोझ, बार-बार इंजेक्शन लगने की परेशानी और समय पर जांच न होना बड़ी बाधाएं हैं।

समय पर जांच है सबसे बड़ा बचाव

विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज मरीजों को हर साल रेटिना की जांच जरूर करानी चाहिए। यह न केवल दृष्टि की रक्षा करने में मदद करता है, बल्कि मरीज की जीवन गुणवत्ता को भी बनाए रखता है। समय रहते जांच और इलाज ही इस बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Follow on Google News
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Threads Copy Link

Related Posts

नारियल तेल के ये बेमिसाल फायदे कर देंगे आपको हैरान, खूबसूरती में लगेंगे चार चांद

May 5, 2026

डैंड्रफ का होगा सूपड़ा साफ: सफेद पपड़ी और खुजली से चाहिए परमानेंट छुटकारा? बस अपनाएं ये तरीके

May 5, 2026

दमकती त्वचा का राज है अखरोट: चेहरे पर आएगा कुदरती निखार, बस ऐसे करें इस्तेमाल

May 5, 2026

RECENT ADDA.

विजय का बड़ा दांव: तमिलनाडु CM शपथ अब सुबह 10 बजे; कांग्रेस-लेफ्ट का बड़ा समर्थन

May 9, 2026

हजारीबाग शहर में बिक रहीं थीं फर्जी NCERT पुस्तकें, तीन दुकानों पर छापा

May 9, 2026

बरही में जनगणना की तैयारी तेज, 16 मई से घर-घर होगी जनगणना

May 9, 2026

हजारीबाग में बड़ा पुलिस फेरबदल, 39 अधिकारियों का तबादला

May 9, 2026

नकली शराब के ‘नेटवर्क’ का भंडाफोड़, तीन थाना क्षेत्रों में छापेमारी, करोड़ों की शराब जब्त

May 9, 2026
Today’s Horoscope
© 2026 Public Adda. Designed by Launching Press.
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Adsense

Home

News

Web Stories Fill Streamline Icon: https://streamlinehq.com

Web Stories

WhatsApp

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.