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चैनपुर प्रखंड के फुलवार टोली में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पॉल खलखो और उनके साथियों ने मिलकर एक जंगली सूअर का शिकार कर दिया। यह घटना तब प्रकाश में आई जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और वन विभाग से कार्रवाई की मांग की।पूछे जाने पर, पॉल खलखो ने अपनी कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि जंगली सूअर उनके खेतों में लगी मकई और बादाम की फसल को लगातार बर्बाद कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि इस नुकसान से बचने के लिए ही उन्होंने और उनके साथियों ने मिलकर सूअर को मार डाला।हालांकि, वन अधिकारियों ने इस पर कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वन विभाग इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा या फिर इसे मात्र एक लीपापोती कर दबा दिया जाएगा। वन्यजीवों का शिकार करना एक गंभीर कानूनी अपराध है और पॉल खलखो का अपनी फसल बचाने का बहाना उन्हें इस अपराध से नहीं बचा सकता। यह घटना वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करती है, क्योंकि अगर वन विभाग पहले ही जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाता, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।

