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India News: एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर की सुविधा का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (सीजीसीए) ने एक नया प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि जो लोग शारीरिक रूप से पूरी तरह ठीक हैं और फिर भी व्हीलचेयर का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनसे एयरलाइंस कुछ शुल्क ले सकती हैं।
सीजीसीए ने इस ड्राफ्ट नियम (सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट या कार) पर लोगों से 19 सितंबर तक सुझाव मांगे हैं। ड्राफ्ट में लिखा है कि एयरलाइंस उन यात्रियों से सहायता शुल्क ले सकती हैं, जो दिव्यांग नहीं हैं या जिन्हें चलने में परेशानी नहीं होती है, लेकिन फिर भी व्हीलचेयर की सेवा लेना चाहते हैं। सीजीसीए के प्रपोजल में कहा गया है कि व्हीलचेयर उपलब्ध कराना एयरलाइंस और हवाई अड्डा संचालकों की साझा जिम्मेदारी है। ड्राफ्ट नियम के मुताबिक, हवाई अड्डा संचालकों को उन यात्रियों के लिए खास कार ड्रॉप-ऑफ पॉइंट्स बनाना होगा, जिन्होंने व्हीलचेयर बुक की है। साथ ही,टर्मिनल के अंदर भी ऐसी जगहें तय करनी होंगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जरूरतमंद यात्रियों को सुविधा आसानी से मिल सके।
एयरलाइंस का कहना है कि कई बार लोग बिना जरूरत के व्हीलचेयर बुक करते हैं, सिर्फ इसलिए ताकि वे हवाई अड्डे पर लंबी लाइनों से बच सकें। इससे न केवल एयरलाइंस को दिक्कत होती है, बल्कि उन लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है, जिन्हें व्हीलचेयर की सख्त जरूरत होती है। सीजीसीए का यह कदम इस समस्या को कम करने की कोशिश है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि जो लोग व्हीलचेयर की सुविधा का गलत इस्तेमाल करते हैं, उनसे शुल्क लेकर इस सर्विस को और बेहतर बनाया जा सकता है। इससे व्हीलचेयर की उपलब्धता उन लोगों के लिए बढ़ेगी, जिन्हें इसकी वास्तव में जरूरत है।
व्हीलचेयर सुविधा का गलत फायदा उठाते हैं लोग
यह बदलाव 25 सितंबर को बॉम्बे हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले आया है। इस साल अप्रैल में हाई कोर्ट ने एक रिटायर्ड जज की अगुवाई में एक कमेटी बनाई थी, जो एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर की उपलब्धता और बुजुर्गों या खास जरूरतों वाले लोगों को होने वाली परेशानियों का अध्ययन करे। कोर्ट ने कहा था कि ऐसी सुविधाएं इन लोगों के लिए “मौलिक मानव अधिकार” हैं। लेकिन एयरलाइंस का कहना है कि कई बार शारीरिक रूप से ठीक लोग इस सुविधा का गलत फायदा उठाते हैं, ताकि इमिग्रेशन जैसे स्थानों पर लंबी लाइनों से बच सकें। कई बार एक ही फ्लाइट में बहुत सारे लोग व्हीलचेयर मांगते हैं, जिसे पूरा करना एयरलाइंस के लिए मुश्किल हो जाता है। इससे उन लोगों को परेशानी होती है, जिन्हें व्हीलचेयर की सचमुच जरूरत होती है।

