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Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले में आदिवासी समाज के विकास की दिशा में एक नई पहल की गई है। शुक्रवार को ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ की आधिकारिक शुरुआत हुई, जिसकी जानकारी उपायुक्त चंदन कुमार ने प्रेस ब्रीफिंग में दी। उन्होंने कहा कि यह अभियान अनुसूचित जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण उत्थान और कल्याण के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इसका मकसद केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करना है।
अभियान के तहत प्रत्येक गांव में ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों को ‘वन-स्टॉप सेवा केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां ग्रामीणों को सभी जरूरी जानकारी आसानी से मिलेगी। इन केंद्रों में योजनाओं की जानकारी, शिकायत निवारण रजिस्टर और विभागीय संपर्क विवरण उपलब्ध रहेंगे। इससे ग्रामीणों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
इसके साथ ही प्रत्येक गांव के लिए ‘ग्राम विकास योजना’ भी तैयार की जाएगी। इस योजना में गांव की बुनियादी जरूरतें, अधोसंरचना और सामाजिक विकास को ध्यान में रखा जाएगा। अभियान के प्रमुख घटकों में ‘आदि कर्मयोगी’, ‘आदि सहयोगी’ और ‘आदि साथी’ शामिल हैं, जो मिलकर विभिन्न योजनाओं की खामियों को पहचानेंगे और उनका समाधान निकालेंगे।
प्रेस ब्रीफिंग के बाद जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इसमें उपायुक्त चंदन कुमार ने अधिकारियों और प्रतिभागियों को आदिवासी समाज के विकास में योगदान देने की शपथ दिलाई। साथ ही मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से प्रशिक्षण सत्र भी रखा गया, जिसमें बताया गया कि इस अभियान को जमीनी स्तर पर कैसे सफल बनाया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि यह अभियान आदिवासी समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। योजनाओं की जानकारी और उनका सीधा लाभ लोगों तक पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
‘आदि कर्मयोगी अभियान’ को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह है। उनका कहना है कि अगर योजनाएं सही तरीके से जमीन पर उतरती हैं, तो आदिवासी समाज का भविष्य बदल जाएगा और वर्षों से महसूस की जा रही विकास की कमी दूर होगी।

