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India News: सबकुछ ठीक रहा तो महाराष्ट्र के निजी संस्थानों में 9 की जगह 10 घंटे कर्मचारियों को ड्यूटी करना पड़ेगी। हालांकि इसको लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। कहा जा रहा है कि एमएनसी को छोड़ दें तो निजी संस्थानों में वेतन बेहद कम है। लोग दो-दो जगह नौकरी करके अपना घर चलाते हैं ऐसे में 10 घंटे की बाध्यता की वजाय वेतन बढ़ाने के लिए सरकार को काम करना चाहिए।
महाराष्ट्र में काम के घंटे बढ़ाने का एक प्रस्ताव कैबिनेट की मीटिंग के सामने रखा गया, जिस पर खूब चर्चा हुई। खबर है कि महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार महाराष्ट्र दुकान और प्रतिष्ठान (रोजगार और सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 में महत्वपूर्ण बदलाव करके निजी संस्थानों में कर्मचारियों के अधिकतम कार्य घंटों को वर्तमान नौ घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन करने की योजना बना रही है, जो राज्य भर में दुकानों, होटलों और मनोरंजन स्थलों जैसे स्थानों में लागू होगा और वहां कार्यरत कर्मचारियों के लिए काम के घंटों को नियंत्रित करेगा।
विभाग ने कहा है कि इस अधिनियम के प्रावधान वैसे सभी प्रतिष्ठानों पर लागू होंगे जहां 20 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं। अभी तक यह कानून 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू होता था। यानी बड़ी दुकानें, मॉल, रेस्टोरेंट, सिनेमा घर, एम्युजमेंट पार्क या अन्य मनोरंजन केंद्र जैसे संस्थान इसके दायरे में आएंगे। एक वरिष्ठ मंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मंत्री प्रावधानों और उनके प्रभाव पर ज़्यादा स्पष्टता चाहते थे, इसलिए फिलहाल इस पर फैसला टाल दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को कैबिनेट की मीटिंग में राज्य के श्रम विभाग ने इस कदम पर एक प्रस्तुति दी। मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि इस पर चर्चा के दौरान, मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव पर और स्पष्टता की मांग की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रम विभाग 2017 के कानून में लगभग पाँच बड़े बदलाव करने पर विचार कर रहा है, जिनमें सबसे अहम काम के घंटों में बढ़ोत्तरी है।
श्रम अधिनियम की धारा 12 में प्रस्तावित संशोधन में कहा गया है, किसी भी वयस्क कर्मचारी को किसी भी प्रतिष्ठान में किसी भी दिन 10 घंटे से ज़्यादा काम करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, इसमें यह भी प्रस्तावित किया गया है कि किसी भी वयस्क को एक बार में छह घंटे से ज़्यादा काम करने की अनुमति तभी दी जाएगी, जब उसे उसी दौरान आधे घंटे का ब्रेक मिलेगा। फिलहाल, कोई कर्मचारी एक बार में अधिकतम पाँच घंटे ही काम कर सकता है।

