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गुमला:- बिशुनपुर प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बेती में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर धूमधाम से राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि समारोह समाप्त होने के बाद भी तीन दिनों तक झंडा विद्यालय प्रांगण में लटका रहा। शिक्षक की इस चूक को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि तिरंगे का अपमान है। ध्वज संहिता के अनुसार स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही झंडा फहराने की अनुमति है। शाम ढलते ही झंडे को सम्मानपूर्वक उतारकर सुरक्षित रखना अनिवार्य होता है। ऐसे में लगातार तीन दिन तक झंडा लगे रहने को लोग सीधे तौर पर नियम का उल्लंघन मान रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित शिक्षक के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी गलती न हो। उनका कहना है कि तिरंगा हमारी अस्मिता और गौरव का प्रतीक है, और इसके सम्मान में किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है।
इस मामले में जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम ने बताया कि जानकारी मिलते ही रविवार को विद्यालय से तिरंगा सम्मानपूर्वक उतरवा लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।
इस घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चा है। लोगों का मानना है कि इस प्रकरण से सबक लेते हुए राष्ट्रीय ध्वज के प्रति और अधिक संवेदनशील तथा सजग रहने की जरूरत है।

