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Jharkhand News: झारखंड के गोड्डा ज़िले में सोमवार को हुई पुलिस मुठभेड़ में पूर्व भाजपा प्रत्याशी और कुख्यात अपराधी सूर्या हांसदा मारा गया। पुलिस के अनुसार, सूर्या कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था।
पुलिस ने रविवार को सूर्या को गिरफ्तार किया था। सोमवार को उसकी निशानदेही पर ललमटिया जंगल में छिपाए गए हथियार बरामद करने के लिए टीम उसे लेकर गई। इसी दौरान सूर्या ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं रुका तो गोली चलाई गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
गोड्डा के एसपी मुकेश कुमार ने घटना की पुष्टि की। सूर्या के एनकाउंटर की खबर फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस मौके पर कैंप कर रही है।
सूर्या हांसदा का राजनीतिक करियर भी विवादों से भरा रहा। 2019 में उसने बोरियो विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और दूसरे स्थान पर रहा था। इससे पहले वह दो बार झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) से चुनाव लड़ चुका था, लेकिन दोनों बार हार गया। पिछली विधानसभा में उसने जयराम महतो की पार्टी जेकेएलएम से भी चुनाव लड़ा था।
सूर्या का आपराधिक इतिहास लंबा है। जिले के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज थे। वह 9 जनवरी 2020 को गोड्डा जिले के ठाकुरगंगटी थाना क्षेत्र के बहादुरचक में अडानी कंपनी की वाटर पाइपलाइन परियोजना के वाहनों में आगजनी के मामले में भी मुख्य आरोपी था। पुलिस जांच में सामने आया था कि इस घटना की साजिश सूर्या ने रची थी। घटना से पहले उसने अपने घर पर मीटिंग बुलाई थी और पेट्रोल-डीजल की व्यवस्था करवाई थी ताकि वाहनों को जलाया जा सके।
इस मामले में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने पूछताछ में सूर्या का नाम लिया था। घटना के बाद से वह पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा और कई दिनों तक फरार रहा।
सूर्या की मां, जो जिला परिषद सदस्य रह चुकी हैं, ने दावा किया कि सूर्या का इलाज वेल्लोर में चल रहा था। वहां से वह देवघर लौटा और मोहनपुर के नवाडीह में अपने रिश्तेदार के घर रह रहा था। उनकी मानें तो सादे कपड़ों में पुलिस बाइक से आई और सूर्या को ले गई, जिसके बाद से वह लापता था। उन्होंने इस पूरी घटना पर सवाल उठाते हुए किसी अनहोनी की आशंका जताई।
सूर्या हांसदा की मौत ने एक बार फिर झारखंड में पुलिस मुठभेड़ों, राजनीतिक अपराधियों की भूमिका और अडानी परियोजना जैसे विवादित मुद्दों को चर्चा में ला दिया है।

