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India News: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह मीडिया को संबोधित करते हुए देशवासियों और सभी राजनीतिक दलों से एकता की अपील की। उन्होंने कहा कि भले ही विभिन्न दलों के राजनीतिक विचार और मतभेद हों, लेकिन राष्ट्रहित में सभी का मन एक होना चाहिए। उन्होंने मानसून सत्र को “राष्ट्र के लिए गौरवपूर्ण विजयोत्सव” बताते हुए संसद से सकारात्मक संदेश देने का आह्वान किया।
भारत की उपलब्धियों का गुणगान करें
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में हाल के महीनों में भारत द्वारा हासिल की गई बड़ी सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “आज भारत का तिरंगा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर लहरा रहा है, जो हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। संसद को चाहिए कि इन गौरवशाली पलों का एक स्वर में यशगान करे ताकि आने वाली पीढ़ियां इससे प्रेरणा लें।”
उन्होंने पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इन अभियानों में भारतीय सेना ने जो साहस और दक्षता दिखाई है, उससे पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य क्षमता को पहचाना है। प्रधानमंत्री ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने शत-प्रतिशत सफलता हासिल की है। यह न केवल सेना के आत्मविश्वास का प्रतीक है, बल्कि ‘मेड इन इंडिया’ हथियारों की ताकत का भी परिचय देता है।” उन्होंने विश्वास जताया कि मानसून सत्र विजय भाव से ओतप्रोत रहेगा, जिससे सेना को प्रेरणा, देशवासियों को उत्साह और रक्षा उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
राजनीतिक एकता पर जोर
प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों को परे रखकर देशहित में एक साथ खड़े हों। उन्होंने कहा, “दलहित में मत न मिले, लेकिन देशहित में मन जरूर मिले।” उन्होंने संसद को यह संदेश देने को कहा कि जब बात भारत के गौरव की हो, तो पूरा देश एक स्वर में बोले।
आर्थिक और सामाजिक उपलब्धियां
प्रधानमंत्री ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि देश अब दुनिया में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने महंगाई दर में गिरावट का जिक्र करते हुए बताया कि वर्तमान में यह केवल 2 प्रतिशत है, जिससे आम जनता को राहत मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत UPI जैसी तकनीक के जरिए फिनटेक के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना चुका है और दुनिया में सबसे ज्यादा फिनटेक नवाचार भारत में हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक रिपोर्टों के अनुसार भारत में 90 करोड़ से अधिक लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं और देश को ट्रेकोमा मुक्त घोषित किया गया है। यह उपलब्धियां बताते हुए उन्होंने कहा कि संसद को इस प्रगति की साझी खुशी व्यक्त करनी चाहिए।
नक्सलवाद का घटता असर
प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद के सिमटते दायरे का जिक्र करते हुए कहा, “कई जिले आज गर्व से नक्सलवाद से मुक्त होने की सांस ले रहे हैं। यह संविधान और लोकतंत्र की जीत है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद का मानसून सत्र इस सकारात्मकता को और आगे ले जाएगा।
सहयोग का आह्वान
उन्होंने कहा कि यह सत्र देश की सैन्य, आर्थिक और सामाजिक उपलब्धियों का प्रतीक होगा और इसे “गौरवपूर्ण विजयोत्सव” के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी दलों से कहा कि वे संसद में ऐसा माहौल बनाएं, जिससे पूरे देश में प्रेरणा और आत्मविश्वास का संदेश जाए।
उल्लेखनीय है कि संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो एक महीने तक चलेगा। इसके लिए कल सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सरकार ने सभी दलों से सहयोग की अपील की थी।

