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Bihar News: बिहार के मोतिहारी में संचालित एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिला मुख्यालय के चांदमारी मोहल्ले स्थित एक निजी स्कूल में चल रहे इस हाईटेक ठगी रैकेट का खुलासा होते ही पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। गिरोह के मास्टरमाइंड यश स्वर्ण्य पर पुलिस ने ₹20,000 का इनाम घोषित किया है। वह अंबिका नगर निवासी पंकज पांडेय का पुत्र है और इस गिरोह को ‘बॉस’ के नाम से संचालित करता है।
इस मामले में पुलिस ने गिरोह के मिडिलमैन सुरेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया है। सुरेंद्र मूल रूप से पश्चिम चंपारण का निवासी है और अंबिकानगर में किराना दुकान चलाता था। जांच में सामने आया कि सुरेंद्र के नाम से खोले गए “पंकज इंटरप्राइजेज” नामक करंट अकाउंट में यश और उसके पिता के मोबाइल नंबर जुड़े हुए थे। इस खाते से बीते सप्ताह में ही देशभर से करीब 19 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया।
गिरोह की पहचान एक खास नंबर “8055” यानी “BOSS” से की जा रही है, जो बैंक अकाउंट से लेकर स्कूटी और लग्जरी कार तक पर अंकित है। पुलिस की छापेमारी के दौरान सुरेंद्र के घर से एक स्कूटी, एक कार, और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिन पर यही नंबर दर्ज था।
गिरोह का भंडाफोड़ होते ही सुरेंद्र ने पंकज पांडेय के इशारे पर खाते से बड़ी रकम निकाल ली, हालांकि बैंक ने 1.80 लाख रुपये की राशि होल्ड कर दी है।
साइबर पुलिस उपाधीक्षक अभिनव पराशर ने बताया कि सुरेंद्र की गिरफ्तारी से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। यश, अंश और अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के नेटवर्क का और भी बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।

