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डुमरी (गुमला)। कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत डुमरी प्रखंड सभागार में आंगनवाड़ी सेविकाओं के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एकजुट संस्था के द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया, जिसमें प्रखंड की विभिन्न पंचायतों की सेविकाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया गया। प्रथम बैच का आयोजन 9 एवं 13 दिसंबर को किया गया, जिसमें सीसी करमटोली, मेराल एवं सीकरी पंचायत की आंगनवाड़ी सेविकाएं शामिल रहीं। वहीं द्वितीय बैच का प्रशिक्षण 11 एवं 12 दिसंबर को संपन्न हुआ, जिसमें गोविंदपुर एवं जर्दा पंचायत की सेविकाओं ने भाग लिया। दोनों बैचों में कुल 60 आंगनवाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के पहले दिन शिशु के जीवन के सुनहरे 1000 दिनों के महत्व पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही बच्चों के आहार में गुणवत्ता, पोषण संतुलन, कुपोषण के प्रकार तथा इसके दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।
दूसरे दिन कुपोषण की रोकथाम, नियमित टीकाकरण, पीएलए बैठक, बच्चों की वृद्धि की निगरानी, ग्रोथ चार्ट पर ग्राफ प्लॉटिंग एवं समर अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।
प्रशिक्षण के दौरान यह अपेक्षा व्यक्त की गई कि सेविकाएं प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने गांवों में व्यवहार में लाकर बच्चों के स्वास्थ्य एवं समग्र विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। कार्यक्रम में एलएस रेखा कुमारी बरनवाल, पुष्पा देवी, प्रशिक्षक पंकज ठाकुर, एकजुट संस्था के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक अभिनंदन घोष, फील्ड फैसिलिटेटर शमा बीबी, दीपिका टोप्पो सहित बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी सेविकाएं उपस्थित रहीं।

डुमरी से आदित्य कुमार की रिपोट

