रांची: राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने अंत कर दिया है। पिछले 10 दिनों में डोरंडा, पुन्दाग, ओरमांझी, बीआईटी मेसरा और टाटीसिलवे जैसे क्षेत्रों में लूटपाट की करीब 6 बड़ी घटनाओं को अंजाम देने वाले 10 अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
SIT ने बिछाया जाल, धराया गिरोह
लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने ग्रामीण और नगर पुलिस अधीक्षकों के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस ने गिरोह के सरगना जहीर उर्फ खान और उसके साथियों को रांची के विभिन्न ठिकानों से धर दबोचा। गिरफ्तार अपराधियों में जहीर, फरहान, शेख जीमल, अरसलान, फैजान, सोएब, सहबाज, कासिफ, मुज्जमिल और राजा खान शामिल हैं।
क्रूरता की हदें पार: चाकू मारकर करते थे लूट
पूछताछ में अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे केवल लूटपाट ही नहीं करते थे, बल्कि विरोध करने पर जानलेवा हमला भी करते थे। ओरमांझी के मेहता होटल के पास एक दुकानदार को इन्होंने चाकू मारकर घायल कर दिया था। इसके अलावा पुन्दाग, बीआईटी मेसरा और टाटीसिलवे स्थित गेल सीएनजी (GAIL CNG) पंप और अन्य पेट्रोल पंपों पर भी इन्होंने उत्पात मचाया था।
आलीशान शौक और आपराधिक इतिहास
हैरानी की बात यह है कि गिरोह के पास से एक कार, पल्सर बाइक और स्कूटी बरामद हुई है, जिनका इस्तेमाल वे रेकी और भागने के लिए करते थे। इनमें से सहबाज सलमान का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है, जिस पर पहले से ही चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से एक देसी रिवॉल्वर, 4 जिंदा कारतूस, 6 चाकू, आईफोन सहित 6 मोबाइल और लूटे गए नकद रुपए बरामद किए हैं।
पुलिस टीम की सफलता
इस छापेमारी दल में डीएसपी अमर कुमार पाण्डेय, संजीव कुमार बेसरा, अनुज उराँव और कई थाना प्रभारी शामिल थे। एसएसपी ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से जिले में अपराध दर में कमी आएगी। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सहयोगियों और उनके द्वारा बेचे गए सामानों की रिकवरी के लिए छापेमारी कर रही है।



